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                                                                                अध्यक्ष संदेश

 

कृषि तथा बागवानी (फल और सब्जियां, पुष्प, रोपण फसलें, मसाले, सगंधीय और औषधीय पौधे), मधुमक्खी पालन, डेयरी, मुर्गी पालन और मछली पालन जैसे सम्बद्ध क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 20 प्रतिशत से अधिक योगदान है। ये अनेक उद्योगों तथा औद्योगिक उत्पादों जैसे उर्वरकों, कीटनाशकों, कृषि उपकरणों तथा अनेक प्रकार के अन्य उपभोक्ता साजो-सामान, सेवा संबंधी इकाइयों की मांग को पूरा करने के लिए कच्ची सामग्री का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इसके साथ ही ये भारतीय जनसंख्या के लगभग 50 प्रतिशत भाग को आजीविका प्रदान करते हैं। विद्यमान कृषि प्रणाली के अंतर्गत हरियाणा ने खाद्य तथा सम्बद्ध फसलों के उत्पादन में बहुत ही सराहनीय प्रगति की है जिससे देश की तेजी से बढ़ती हुई विशाल जनसंख्या को भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिली है। अब नए उद्यमी स्तर के कारण कृषि के माध्यम से उत्पादन, प्रसंस्करण तथा विपणन में और अधिक सुधार लाने की जरूरत है, ताकि देश की विशाल व तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या को खाद्य क्षेत्र में सुरक्षा प्राप्त हो सके और इसके साथ ही न केवल बड़े कृषक समुदाय की आवश्यकताएं पूरी हो सके क्योंकि इनके माध्यम से स्वरोजगार, आजीविका के साधन उपलब्ध होते हैं और अंततः देश का आर्थिक विकास होता है, बल्कि इसके साथ इस प्रणाली से संबंधित अन्य लोगों के लिए भी काम के पर्याप्त अवसर सृजित होते हैं। हरियाणा की कृषि जलवायु संबंधी दशा उन अनेक बागवानी फसलों को उगाने की दृष्टि से बहुत अच्छी है जो राज्य के 5.23 लाख हैक्टर क्षेत्र में उगाई जा रही हैं और जिनसे वर्ष 2016-17 के दौरान 80.2 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ था। इसी प्रकार, डेयरी उद्योग, मुर्गी पालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन में भी निर्यात की क्षमता है और इनसे ग्रामीण जनसंख्या को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। ये राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत बागवानी, पशुपालन और मछली पालन से संबंधित अनेक योजनाएं चल रही हैं और इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग भी फलों व सब्जियों के साथ-साथ मछली प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी उद्यमशीलता संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में लगे हैं। इनके कारण इन जिंसों तथा उत्पादों के लिए बाजार के नए अवसर उपलब्ध होते हैं जिससे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा होता है। हरियाणा के बिल्कुल निकट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हरियाणा के उत्पादों का बहुत बड़ा बाजार उपलब्ध है। यह राज्य राष्ट्रीय राजधानी को ताजे फलों और सब्जियों के साथ-साथ अन्य कृषि उत्पादों को उपलब्ध करा सकता है। इस प्रकार, हरियाणा के किसान समुदाय द्वारा उत्पन्न किए गए उत्पादों की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के परिनगरीय इलाकों में भी अच्छी खपत हो सकती है। इस प्रकार, कृषि तथा सम्बद्ध क्षेत्रों में व्यापार के अनेक अवसर मौजूद हैं। हरियाणा राज्य के सभी भागों के किसान इन क्षेत्रों में प्रयास कर सकते हैं और इस प्रकार न केवल विद्यमान क्षमताओं का लाभ उठा सकते हैं बल्कि जिन क्षेत्रों और बाजारों का अभी तक पर्याप्त उपयोग नहीं हुआ है, उनका भी पर्याप्त उपयोग कर सकते हैं। शुरूआत के तौर पर बाजार में कृषि क्षेत्र के उत्थान की दिशा में कुछ नई शुरूआत हुई है और नए-नए विचारों से किसानों को अपने उत्पादों को बाजार में बेचकर और अधिक आमदनी लेने में सहायता मिल सकती है। इसके साथ ही सरकार द्वारा कृषि बाजार मंच की शुरूआत किए जाने से व्यापार के सम्पूर्ण क्षेत्र को बहुत फायदा हो सकता है।

डॉ रमेश कुमार यादव

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नवीनतम संदेश

हरियाणा में परिनगरीय क्षेत्रों में कृषि विविधीकरण पर कार्यशाला का आयोजन 18 जुलाई, 2018 को मानव संसाधन प्रबंधन निदेशालय, सीसीएस एचएयू, हिसार में किया जायेगा।

हरियाणा में दुधारू गोपशुओं और भैंसों से संबंधित पशु पोषण पर कार्यदल की बैठक 25 जून, 2018 को सुबह 10:30 बजे आयोजित की गई

किसानों के साथ जिला स्तरीय बैठक 20 जून, 2018 को 10:00 बजे सम्मेलन हॉल, अरोमा होटल, फतेहाबाद में 20 जून, 2018 को 10:00 बजे आयोजित की गई।

किसानों के साथ जिला स्तरीय बैठक 18 जून, 2018 को 10:00 बजे skylark, पर्यटक रिज़ॉर्ट, मिनी सचिवालय के सामने, पानीपत में आयोजित की गई।

किसानों के साथ जिला स्तरीय बैठक 18 जून, 2018 को 10:00 बजे Dabchick, पर्यटक रिज़ॉर्ट, दिल्ली आगरा रोड, होडल में में आयोजित की गई।

"हरियाणा में परिनगरीय कृषि पर कार्यदल" की बैठक 15 जून, 2018 को दोपहर 2:00 बजे हरियाणा किसान अयोग,पंचकूला के कार्यालय में आयोजित की गई ।

"हरियाणा में जैविक खेती के संवर्धन" पर कार्यदल" की बैठक 13 जून, 2018 को सुबह 10:30 बजे सीसीएस एचएयू, हिसार में आयोजित की गई।

किसानों के साथ जिला स्तरीय बैठक सुरखब पर्यटक रिज़ॉर्ट, एनएच -10, सिरसा में 11 जून, 2018 को 10:00 बजे आयोजित की गई।

"पोपलर की खेती - बाधाएं एवं नीति निर्धारण" पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन रेड बिशप हरियाणा पर्यटक परिसर, सेक्टर 1, पंचकूला में 8 जून, 2018 को की गई।



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